कुछ शब्द

किसी के फ़ासले का ,
वो फ़साना बदल गया 
किसी को अपना लगे,
वो अफ़साना बदल गया 
अपना मतलब देखकर ,
बदल गए लोग और
कहने लगे शायर साहब ,
ज़माना बदल गया

मेरा संग देखने वाले 
मेरा ढंग देखने वाले 
ना मझहब जान पाए मेरे 
ज़बान का रंग देखने वाले

Akhade Soham Subhash

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