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    *👳🏽‍♀️ किसान 👳🏽‍♀️* (बाल कविता)

    *👳🏽‍♀️ किसान 👳🏽‍♀️* (बाल कविता)
    *सबसे पहले जग उठता है किसान,*
    *निकल पड़ता अपने खेत-खलिहान।*

    *बहुत मेहनत से पैदा करता अनाज,*
    *काम लेता उसे फिर सारा समाज।*

    *फल और सब्जियां भी उगाता,*
    *हमें सस्ते में उपलब्ध कराता।*

    *ज्यादा वर्षा व खराब मौसम इसे डराता,*
    *और किसी से नहीं है यह घबराता।*

    *पसीना बहुत बहाता किसान,*
    *देश की अर्थव्यवस्था बढ़ता किसान।*

    *देश के विकास में देता है योगदान,*
    *किसान का करो तुम सम्मान।*
    *शैलेन्द्र सिंह शैली*
    *महेंद्रगढ़,हरियाणा।*

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